Vo kon thi -2
"बावली हो गई है छोरी तू..?आधी रात को हाथों में पैरों में और बालों में मेहंदी लगा वेगी तू?"
जीजा जीजी की मेहमान नवाजी करने के बाद फ्लैट में उनका सामान शिफ्ट करवा के अब फ्री हुई थी अमन के आने से पहले निगाह पैरों में मेहंदी लगाने बैठ गई थी!
उसका ख्वाईद अमन लोरी चलाता था तीन चार रोज पहले लोरी लेकर वह हैदराबाद की ट्रिप पर गया हुआ था उसकी कुछ देर पहले ही कॉल थी निगाह को सूचित किया गया था कि "खाना बनाकर रखें वह बस पहुंचने वाला है!
तब से निगाह बहुत खुश थी गुलाब से हॉट हल्की सी लिपस्टिक से रंगे थे गोरे चेहरे पर मासूमियत निखर उठी थी बड़ी-बड़ी बोलती आंखों में काजल लगाया था कानों में इयररिंग्स और गले में मोतियों का व्हाइट नेकलेस उसके बेनमून रूप में चार चांद लगा रहा था ऊपर से उसके होठों पर सजी थी मुस्कान..
जीजा और जीजी उसके करीब रहने आए हैं वह बात निगाह अमन को बताना चाहती थी उसका मन काफी उतावला हो रहा था अमन को अब तक आ जाना चाहिए था!
मेहंदी लगाने से पहले वह दस बार अमन वो कॉल कर चुकी थी! नंबर कवरेज क्षेत्र से बाहर आ रहा था!
अपने मन में उठ रही अनुचित आशंकाओं से बचने वह मेहंदी लेकर बैठ गई थी तो सासु जी को काफी अचंभा हुवा!
निगाह उनकी बात सुनकर शरारत करती हुई बोली "मम्मी जी आपने भी लगा दु मेहंदी? पैरों में और माथे पर ठंडक हो जावेगी!
"नई..नई छोरी अमन ने आजाणे दे! कल तू अपना शौक पूरा कर लेणा! जब तक छोराऊं बात नी रेवे मारो जीव धणो उचाट मे है थने कांई बतावु में..!"
पर मम्मी जी अबार फोन री दस ट्राय लगा दी है मै णे..! कोल लागो कोनी है..! आप फिकर कोनी करो..! अब वो ड्रावर है और ड्रावरां री जिंदगी यु ज है..! टाईम माथे पहोच गिया तो पहोंच गिया.. वरना राह तक बोकरां.. पुरी जिंदगी..! "
"छोरी अल्ला न करे कोई बुरी बात हुई हो..!
सासुजी ने ईतना कहा की बाहर बिल्ली के रोने की आवाज आई..!
"मने कुछ भी ठीक न लागे है छोरी..! ये सब अशुभ संकेत होवे..! "
"मम्मी सरदी धणी पडे है थे रजाई ओढ ने आरामउ सो ई जावो..! वो आवेला जदी थनोने जगाउला..!"
"कोई फोण बी आवे तो मारूउ बात कराणा..! "
ठीक है थे सो जाओ..!
अपनी सास को संभाल रही थी फिरभी उसका मन समय जैसे जैसे गुजरने लगा उदास होता गया!
की तभी अचानक फोन की रींग बजी!
उछलकर उसने तपाक से फोन उठा लिया!
फोन की स्क्रीन पर अमन का नाम देखकर उसकी जान में जान आ गई थी!
कहां थे जी ईतनी देर से कब से ट्राय कर रही थी!
अरे यार निगाह फोन की बैटरी डिस्चार्ज हो गई थी और एक मुसीबत आ गई है?
"अबे की होया?"
आबू से कुछ आगे रास्ते में गाड़ी पंक्चर हो गई है! दोनों टायर पंक्चर है गाड़ी छोड़कर नहीं आ सकता हूं समाण भरा पड़ा है!
कोई बात नहीं अपणा ख्याल रखणा मम्मी जी काफी परेशाण थी!"
"बात करवा दो म्हारी..!"
उसकी सासने निगाह को बात करते हुए सुना तो बोली "छोरा रो फोन है लाव मने दे..!"
अमन ने मम्मी जी से बात की वह और सुबह पहुंचने वाला है यह बात जानकर उन्होंने सुकून की सांस ली फिर वह आराम से निश्चिंत होकर सो गए!
रात को उसकी आंख खुल गई!
अपना छोटा सा बच्चा बगल में सोया हुआ था ! वह बात रात को उसे याद ना रही! अचानक किसी ने दरवाजे पर दस्तक दी!
इस वक्त कौन हो सकता है ?
एक पल के लिए उसे लगा नाज और अरमान को कोई परेशानी तो नहीं हुई होगी ना..? उसका मन व्यग्र था कदम लड़खड़ाए रहे थे जब दरवाजे तक पहुंची बाहर से किसी बच्चे की आवाज आई !
"मां..! ओ मां...!"
एक जोर का झटका उसके ह्रदय को लगा! माय गॉड ! ये तो अपने रेहान की आवाज है ! इस वक्त वह बाहर क्या कर रहा है? उसको तो मैंने अपनी गोद में सुलाया था फिर वह बाहर कैसे पहुंच गया?
पगलाईसी होकर निगाह मैं कुछ भी सोचे समझे बगैर दरवाजा खोल दिया!
वह उसका बच्चा रेहान ही था ! बाल बिखरे हुए थे! जैसे धूल मिट्टी से सारे कपड़े खराब हुये थे!
इतनी रात गए तू कहां खेल रहा था अंदर आ जा ! मेरी तो जान ही निकल गई!"
वह बच्चा दौड़ कर अंदर कमरे में चला गया!
निगाह उसके पीछे पीछे ही भागी!
उसने देखा कि वह दौड़ता हुआ बेड के नीचे छुप गया!
जब निकाह की नजरें बेड पर गई तो उसके हलख से चीख निकल गई!
उसका अपना रेहान मुंह तक रजाई औढे सोए हुए था!
और बेड नीचे से वह बच्चा गायब था निकाह के होश उड़ गए दिमाग सुनने रह गया समझ में नहीं आ रहा था , वह कौन बच्चा था? जिसके पीछे पीछे वह भागी चली आई?
उसके चेहरे का रंग उड़ गया था! अपने ही कमरे में एंटर होते वक्त उसके कदम लड़खड़ाए ने लगे!
जीजा जीजी की मेहमान नवाजी करने के बाद फ्लैट में उनका सामान शिफ्ट करवा के अब फ्री हुई थी अमन के आने से पहले निगाह पैरों में मेहंदी लगाने बैठ गई थी!
उसका ख्वाईद अमन लोरी चलाता था तीन चार रोज पहले लोरी लेकर वह हैदराबाद की ट्रिप पर गया हुआ था उसकी कुछ देर पहले ही कॉल थी निगाह को सूचित किया गया था कि "खाना बनाकर रखें वह बस पहुंचने वाला है!
तब से निगाह बहुत खुश थी गुलाब से हॉट हल्की सी लिपस्टिक से रंगे थे गोरे चेहरे पर मासूमियत निखर उठी थी बड़ी-बड़ी बोलती आंखों में काजल लगाया था कानों में इयररिंग्स और गले में मोतियों का व्हाइट नेकलेस उसके बेनमून रूप में चार चांद लगा रहा था ऊपर से उसके होठों पर सजी थी मुस्कान..
जीजा और जीजी उसके करीब रहने आए हैं वह बात निगाह अमन को बताना चाहती थी उसका मन काफी उतावला हो रहा था अमन को अब तक आ जाना चाहिए था!
मेहंदी लगाने से पहले वह दस बार अमन वो कॉल कर चुकी थी! नंबर कवरेज क्षेत्र से बाहर आ रहा था!
अपने मन में उठ रही अनुचित आशंकाओं से बचने वह मेहंदी लेकर बैठ गई थी तो सासु जी को काफी अचंभा हुवा!
निगाह उनकी बात सुनकर शरारत करती हुई बोली "मम्मी जी आपने भी लगा दु मेहंदी? पैरों में और माथे पर ठंडक हो जावेगी!
"नई..नई छोरी अमन ने आजाणे दे! कल तू अपना शौक पूरा कर लेणा! जब तक छोराऊं बात नी रेवे मारो जीव धणो उचाट मे है थने कांई बतावु में..!"
पर मम्मी जी अबार फोन री दस ट्राय लगा दी है मै णे..! कोल लागो कोनी है..! आप फिकर कोनी करो..! अब वो ड्रावर है और ड्रावरां री जिंदगी यु ज है..! टाईम माथे पहोच गिया तो पहोंच गिया.. वरना राह तक बोकरां.. पुरी जिंदगी..! "
"छोरी अल्ला न करे कोई बुरी बात हुई हो..!
सासुजी ने ईतना कहा की बाहर बिल्ली के रोने की आवाज आई..!
"मने कुछ भी ठीक न लागे है छोरी..! ये सब अशुभ संकेत होवे..! "
"मम्मी सरदी धणी पडे है थे रजाई ओढ ने आरामउ सो ई जावो..! वो आवेला जदी थनोने जगाउला..!"
"कोई फोण बी आवे तो मारूउ बात कराणा..! "
ठीक है थे सो जाओ..!
अपनी सास को संभाल रही थी फिरभी उसका मन समय जैसे जैसे गुजरने लगा उदास होता गया!
की तभी अचानक फोन की रींग बजी!
उछलकर उसने तपाक से फोन उठा लिया!
फोन की स्क्रीन पर अमन का नाम देखकर उसकी जान में जान आ गई थी!
कहां थे जी ईतनी देर से कब से ट्राय कर रही थी!
अरे यार निगाह फोन की बैटरी डिस्चार्ज हो गई थी और एक मुसीबत आ गई है?
"अबे की होया?"
आबू से कुछ आगे रास्ते में गाड़ी पंक्चर हो गई है! दोनों टायर पंक्चर है गाड़ी छोड़कर नहीं आ सकता हूं समाण भरा पड़ा है!
कोई बात नहीं अपणा ख्याल रखणा मम्मी जी काफी परेशाण थी!"
"बात करवा दो म्हारी..!"
उसकी सासने निगाह को बात करते हुए सुना तो बोली "छोरा रो फोन है लाव मने दे..!"
अमन ने मम्मी जी से बात की वह और सुबह पहुंचने वाला है यह बात जानकर उन्होंने सुकून की सांस ली फिर वह आराम से निश्चिंत होकर सो गए!
रात को उसकी आंख खुल गई!
अपना छोटा सा बच्चा बगल में सोया हुआ था ! वह बात रात को उसे याद ना रही! अचानक किसी ने दरवाजे पर दस्तक दी!
इस वक्त कौन हो सकता है ?
एक पल के लिए उसे लगा नाज और अरमान को कोई परेशानी तो नहीं हुई होगी ना..? उसका मन व्यग्र था कदम लड़खड़ाए रहे थे जब दरवाजे तक पहुंची बाहर से किसी बच्चे की आवाज आई !
"मां..! ओ मां...!"
एक जोर का झटका उसके ह्रदय को लगा! माय गॉड ! ये तो अपने रेहान की आवाज है ! इस वक्त वह बाहर क्या कर रहा है? उसको तो मैंने अपनी गोद में सुलाया था फिर वह बाहर कैसे पहुंच गया?
पगलाईसी होकर निगाह मैं कुछ भी सोचे समझे बगैर दरवाजा खोल दिया!
वह उसका बच्चा रेहान ही था ! बाल बिखरे हुए थे! जैसे धूल मिट्टी से सारे कपड़े खराब हुये थे!
इतनी रात गए तू कहां खेल रहा था अंदर आ जा ! मेरी तो जान ही निकल गई!"
वह बच्चा दौड़ कर अंदर कमरे में चला गया!
निगाह उसके पीछे पीछे ही भागी!
उसने देखा कि वह दौड़ता हुआ बेड के नीचे छुप गया!
जब निकाह की नजरें बेड पर गई तो उसके हलख से चीख निकल गई!
उसका अपना रेहान मुंह तक रजाई औढे सोए हुए था!
और बेड नीचे से वह बच्चा गायब था निकाह के होश उड़ गए दिमाग सुनने रह गया समझ में नहीं आ रहा था , वह कौन बच्चा था? जिसके पीछे पीछे वह भागी चली आई?
उसके चेहरे का रंग उड़ गया था! अपने ही कमरे में एंटर होते वक्त उसके कदम लड़खड़ाए ने लगे!
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