समिक्षा -कहानी संग्रह -रिश्ते
कहानी संग्रह -रिश्ते समिक्षा- साबिर खान पठान लेखक -मनमोहन भाटिया प्रकाशन -शोपिजन पब्लिकेशन हाऊस -------------------- साबिर खान की नजर से मैं अपना सौभाग्य मानता हूँ, मुझे श्री मन मोहन भाटिया जी के कहानी संग्रह 'रिश्ते' पर अपने विचार प्रकट करने का सुअवसर मिला। संग्रह की दस कहानियों का आधार रिश्ता है। पति-पत्नी, पिता-पुत्री, परिवार में भाइयों के रिश्ते के साथ पड़ोसी के रिश्ते पर लेखक की कलम ने व्यवहारिक पहलुओं को दर्शाया है। पहली कहानी है 'प्रेम सदा के लिए'। कहानी बहुत ही सरल भाषा में मानव मन की गहराई में उतर जाती है। रमन और रुचिका जो अब पति-पत्नी है, अपने बीते हुए कल के रेशमी लम्हों को याद कर के मिलन का वह अविस्मरणीय दौर एक बार फिर से जीते हैं। जिंदगी गुजरने के बावजूद ह्रदय से जुड़े रिश्ते हमेशा हरे भरे रहते हैं यह बात कहानी में बेहतरीन ढंग से मनमोहन जी ने कही है। संग्रह की दूसरी कहानी है 'मूड' जिसमें अभिषेक और संदीप को क्रिकेट मैच देखने के लिए अपनी बीवियों की नाराजगी तक सहनी पडती है और रिश्ते को संभालने के लिए दोनों समझदारी भरा फैसला लेते हैं। 'रिश्ते...